
अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 29 वर्षीय मनीषा कुमारी ने वैवाहिक कलह और प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। मूल रूप से बिहार की रहने वाली मनीषा का विवाह साल 2022 में रेलवे कर्मचारी लक्ष्मण कुमार के साथ हुआ था, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही खुशियाँ मातम में बदलने लगीं। मृतका के भाई, जो मणिपुर में सीआरपीएफ के पद पर तैनात हैं, ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनका जीजा उनकी बहन के साथ लगातार मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करता था। यह प्रताड़ना इस कदर बढ़ गई थी कि मनीषा को लंबे समय तक अपने पीहर में शरण लेनी पड़ी, लेकिन पति द्वारा आगे से हिंसा न करने के झूठे आश्वासन पर वह वापस अजमेर लौट आई।
किराए के मकान में रहने के कुछ ही दिनों बाद, लक्ष्मण के वादे खोखले साबित हुए और 30 दिसंबर को मनीषा का शव फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। बुधवार को मेडिकल बोर्ड के माध्यम से मृतका का पोस्टमॉर्टम करवाकर शव शोकाकुल परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। भाई का आरोप है कि उसकी बहन ने स्वेच्छा से यह कदम नहीं उठाया, बल्कि पति द्वारा की गई निरंतर मारपीट और प्रताड़ना ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया। इस दर्दनाक अंत ने एक हँसते-खेलते परिवार को सदमे में डाल दिया है और अब पूरा परिवार आरोपी पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
Read Also – सौर ऊर्जा के उत्पादन में राजस्थान बना देश का नंबर वन राज्य
पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अलवर गेट थाना पुलिस अब उन परिस्थितियों की गहराई से जांच कर रही है जिनके चलते मनीषा को यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। इस जांच के दायरे में पड़ोसियों के बयान, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और मृतका के पीहर पक्ष के आरोपों को शामिल किया गया है। यह घटना समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों के घातक परिणामों को उजागर करती है। फिलहाल आरोपी पति पुलिस की जांच के घेरे में है और विभाग जल्द ही इस मामले में ठोस सबूत जुटाकर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कह रहा है।
