
जयपुर जिले के कालाडेरा थाना क्षेत्र में बुधवार की रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने दो प्रवासी मजदूरों की जान ले ली। यह घटना कालाडेरा बस स्टैंड से रीको औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर शनि मंदिर के पास घटित हुई। नए साल के जश्न से ठीक पहले हुए इस हादसे ने मृतक मजदूरों के परिवारों में मातम फैला दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर वाहनों की भिड़ंत के बाद पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने गिरे हुए मजदूरों को कुचल दिया।
हादसे की शुरुआत स्कूटी और बाइक की आमने-सामने की टक्कर से हुई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों पर सवार चारों मजदूर सड़क पर जाकर गिरे। दुर्भाग्यवश, उसी समय पीछे से एक तेज गति से ट्रक आ रहा था, जिसके चालक ने संतुलन खो दिया और सड़क पर पड़े मजदूरों को रौंद दिया। इस भयानक मंजर को देखकर इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चारों मजदूर गंभीर रूप से घायल होकर वहीं सड़क पर तड़पने लगे।
इस घटना के दौरान समाज का एक बेहद संवेदनहीन चेहरा भी सामने आया
जब घायल मजदूर सड़क पर पड़े अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब वहां मौजूद भीड़ में से कई लोग उनकी मदद करने के बजाय अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त थे। किसी भी राहगीर ने पुलिस के आने से पहले घायलों को अस्पताल पहुँचाने की जहमत नहीं उठाई। मानवता को शर्मसार करने वाला यह कृत्य पुलिस के पहुँचने के बाद ही थमा, जब उन्होंने एम्बुलेंस बुलाकर घायलों को उपचार के लिए भिजवाया।
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सूचना मिलते ही घायलों को तुरंत कालाडेरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीन मजदूरों को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) के लिए रेफर कर दिया। इनमें से एक मजदूर धर्मेंद्र राजपूत को मामूली चोटें आई थीं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, लेकिन बाकी तीन मजदूरों की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई थी।
इलाज और अस्पताल ले जाने के दौरान दो मजदूरों ने दम तोड़ दिया
मृतकों में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी 41 वर्षीय विपिन कुमार शर्मा शामिल थे, जिनकी मौत जयपुर ले जाते समय रास्ते में ही हो गई। वहीं, पश्चिम बंगाल के रहने वाले 35 वर्षीय राकेश विश्वास ने चौमूं के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। इन दोनों मजदूरों की मौत की खबर ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले उनके साथियों को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस ने बताया कि एक अन्य मजदूर हन्नी कुमार, जो हिमाचल प्रदेश का निवासी है, उसका इलाज अभी भी चौमूं के एक निजी अस्पताल में चल रहा है और वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। गुरुवार को पुलिस प्रशासन ने दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया। विपिन का पोस्टमार्टम जयपुर के एसएमएस अस्पताल में और राकेश का चौमूं के उपजिला अस्पताल में कराया गया, जिसके बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए।
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ये सभी मजदूर कालाडेरा रीको क्षेत्र की अलग-अलग फैक्ट्रियों में मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। मृतक राकेश विश्वास एक लोहे के टॉवर बनाने वाली कंपनी में काम करता था, जबकि विपिन कुमार पिताम्बरी नामक फैक्ट्री में कार्यरत था। रोजी-रोटी की तलाश में अपने राज्यों से दूर आए इन कामगारों के लिए यह सड़क हादसा काल बनकर आया, जिससे उनके घरों के चिराग बुझ गए।
हादसे को अंजाम देने के बाद ट्रक चालक मौके का फायदा उठाकर अपने वाहन सहित फरार हो गया। कालाडेरा थानाधिकारी पूजा पूनिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीमें गठित की हैं, जो आरोपी चालक और ट्रक की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर फरार चालक की पहचान करने की कोशिश कर रही है ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
