
जयपुर के पर्यटकों के लिए वन विभाग की नई सौगात
राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में आने वाले वन्यजीव प्रेमियों के लिए राजस्थान वन विभाग ने एक बड़ी खुशखबरी साझा की है। पार्क की टाइगर सफारी में पहली बार दुर्लभ व्हाइट और गोल्डन टाइगर को खुले जंगल में छोड़ा गया है। अब यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल सामान्य बाघों को, बल्कि इन दुर्लभ रंगों वाले बाघों के लाइव मूवमेंट को भी करीब से देख सकेंगे। यह कदम जयपुर के पर्यटन और वाइल्डलाइफ सफारी के अनुभव को एक नई ऊँचाई पर ले जाने वाला माना जा रहा है।
बाघिन रानी के शावक ‘भीम’ और ‘स्कंधी’ का नया घर
टाइगर सफारी में रिलीज किए गए ये दोनों बाघ वास्तव में भाई-बहन हैं और इनका जन्म इसी पार्क की बाघिन ‘रानी’ से हुआ है। व्हाइट टाइगर का नाम ‘भीम’ और उसकी गोल्डन बहन का नाम ‘स्कंधी’ है। ये दोनों अब ‘सब-एडल्ट’ हो चुके हैं और आगामी 10 मई को दो साल के होने जा रहे हैं। वन विभाग ने भीषण गर्मी का दौर शुरू होने से पहले इन्हें खुले जंगल के माहौल में ढलने और नए वातावरण में तालमेल बिठाने के उद्देश्य से सफारी एरिया में रिलीज करने का फैसला लिया है।
रिलीज के बाद दिखा बाघों का दिलचस्प व्यवहार
खुले जंगल में पहुँचते ही भीम और स्कंधी का व्यवहार काफी सक्रिय और उत्सुकता से भरा रहा। रिलीज के तुरंत बाद दोनों ने पूरे इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया। कभी वे झाड़ियों के बीच छिपे नजर आए, तो कभी वॉटर प्वाइंट्स के पास रुककर नए माहौल को समझते दिखे। सफारी में मौजूद पर्यटकों के लिए यह किसी जादुई अनुभव से कम नहीं था जब उन्होंने इन दुर्लभ बाघों को अपने प्राकृतिक आवास में बेखौफ घूमते देखा। उनकी हर हरकत ने पर्यटकों के रोमांच को दोगुना कर दिया।
सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष प्रबंध
एसीएफ देवेंद्र राठौड़ की देखरेख में इस पूरे ऑपरेशन को रेंजर शुभम शर्मा और उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। हालांकि, सफारी में छोड़े जाने के बाद अब वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती राजस्थान की तपती गर्मी में इन दोनों युवा बाघों की सेहत और सुरक्षा की निगरानी करना है। विभाग लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहा था, और अब भीम-स्कंधी की लाइव मूवमेंट नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र बन गई है।
