
Image Credit = NBT
व्यापारिक सशक्तिकरण के नए युग का आगाज
राजस्थान के व्यापारिक परिदृश्य को आधुनिक और वैश्विक बनाने की दिशा में भजनलाल सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ‘राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी-2025’ के तहत अब आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारियों को वित्तीय सहायता और आधुनिक तकनीक से लैस करना है। सरकार का लक्ष्य गली-मोहल्लों की साधारण दुकानों को बड़े लॉजिस्टिक नेटवर्क और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़कर उन्हें बड़े ब्रांड्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाना है।
सस्ते कर्ज और ब्याज अनुदान की बड़ी सौगात
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के अनुसार, यह नीति विशेष रूप से खुदरा व्यापारियों की पूंजी संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके तहत सूक्ष्म व्यापारियों को नया उद्यम स्थापित करने के लिए 1 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6% और 1 से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 4% का भारी ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए 1 करोड़ से अधिक के ऋण पर 1% अतिरिक्त ब्याज अनुदान का विशेष लाभ भी सुनिश्चित किया गया है।
बीमा सुरक्षा और ‘डिजिटल दुकानदारी’ पर फोकस
व्यापारियों को अनहोनी और आर्थिक नुकसान के डर से मुक्त करने के लिए सरकार ने बीमा प्रीमियम में भी बड़ी राहत दी है। नीति के तहत अगले 5 वर्षों तक इंश्योरेंस प्रीमियम पर 50% तक की सहायता (अधिकतम 1 लाख रुपये प्रति वर्ष) प्रदान की जाएगी। साथ ही, डिजिटल दौर की चुनौतियों को देखते हुए सरकार व्यापारियों द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर दी जाने वाली फीस का 75% (अधिकतम 50 हजार रुपये) तक एक वर्ष के लिए वापस करेगी। इससे छोटे दुकानदार भी आसानी से ऑनलाइन बाजारों में अपनी पैठ बना सकेंगे।
10.5 लाख रिटेल स्टोर्स का होगा कायाकल्प
राजस्थान में वर्तमान में सक्रिय 10.5 लाख से अधिक रिटेल स्टोर्स इस नीति के केंद्र में हैं। वित्तीय मजबूती के साथ-साथ, सरकार सीजीटीएमएसई योजना के तहत 5 करोड़ रुपये तक के ऋण की गारंटी फीस का 50% पुनर्भरण भी करेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि व्यापारियों को अब बड़े ऋण के लिए कोलैटरल (जमानत) की चिंता नहीं करनी होगी। यह नीति न केवल राज्य के आर्थिक ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि लाखों छोटे व्यापारियों के लिए आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खोलेगी।
