
बस्सी के रीको क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात
राजस्थान की राजधानी जयपुर के बस्सी इलाके में एक शादीशुदा युवक और उसकी 19 वर्षीय प्रेमिका द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का मामला सामने आया है। जयपुर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर रीको क्षेत्र के पास दोनों ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सोमवार देर रात हुई इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और क्षत-विक्षत अवस्था में मिले शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इस दोहरी आत्महत्या की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और प्रेम संबंधों के इस दुखद अंत पर चर्चाएं तेज हैं।
पहचान में बाइक के नंबर ने निभाई अहम भूमिका
घटनास्थल पर शुरूआती जांच के दौरान पुलिस को मृतकों के पास से कोई पहचान पत्र या सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, जिससे उनकी शिनाख्त करना एक बड़ी चुनौती बन गया था। हालांकि, रेलवे ट्रैक के पास लावारिस खड़ी एक बाइक ने पुलिस की मुश्किल आसान कर दी। बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पुलिस ने विवरण जुटाया, जिससे पता चला कि मृतक युवक बस्सी का ही रहने वाला 30 वर्षीय व्यक्ति था, जबकि युवती जयपुर के जामड़ोली क्षेत्र की निवासी थी। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने तुरंत दोनों के परिजनों को इस अनहोनी की सूचना दी।
गुमशुदगी की रिपोर्ट और प्रेम संबंधों का खुलासा
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि 19 वर्षीय युवती सोमवार रात करीब 10 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से निकली थी। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी, तो चिंतित परिजनों ने उसकी काफी तलाश की और अंततः पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसी बीच रेलवे ट्रैक पर हुए इस हादसे की जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि युवक और युवती के बीच पिछले करीब 3 वर्षों से प्रेम संबंध चल रहे थे, लेकिन युवक के पहले से शादीशुदा होने के कारण उनके रिश्तों में कई जटिलताएं थीं।
आत्मघाती कदम के पीछे की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी धर्मेन्द्र शर्मा के अनुसार, युवक विवाहित था और युवती अविवाहित, ऐसे में दोनों ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में और किस दबाव में आकर उठाया, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस अब दोनों के मोबाइल कॉल डिटेल्स और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। फिलहाल बस्सी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के सटीक समय और अन्य तकनीकी पहलुओं का स्पष्ट पता चल सके।
