
अमेरिकी राजदूत का आमेर दौरा
राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर आमेर महल में शनिवार को एक विशेष गरिमामय अवसर देखने को मिला। यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के राजदूत सरजिओ गौर ने अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपुर के इस विश्व प्रसिद्ध महल का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने महल की विशाल प्रांगणों, मजबूत किलेबंदी और शाही संरचनाओं को देखकर गहरी सराहना व्यक्त की। विदेशी मेहमान आमेर की अद्भुत वास्तुकला और यहाँ के ऐतिहासिक वैभव को करीब से देखकर पूरी तरह अभिभूत नजर आए।
राजपूत और मुगल स्थापत्य का अनूठा संगम
भ्रमण के दौरान राजदूत सरजिओ गौर का ध्यान विशेष रूप से राजपूत और मुगल वास्तुकला के अनूठे मेल ने खींचा। आमेर महल की बारीक नक्काशी और पत्थरों पर उकेरी गई कला ने प्रतिनिधिमंडल को भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत का अहसास कराया। पर्यटक गाइड महेश शर्मा ने मेहमानों को महल के विभिन्न हिस्सों का विस्तार से भ्रमण कराया और इसके निर्माण, सांस्कृतिक महत्व व राजस्थानी परंपराओं से जुड़ी कई रोचक और ऐतिहासिक जानकारियां साझा कीं।
प्रशासनिक और ऐतिहासिक महत्व की चर्चा
इस खास दौरे पर आमेर महल के अधीक्षक राकेश छोलक ने भी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और उन्हें महल के प्रशासनिक व संरक्षण संबंधी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अपनी अनूठी स्थापत्य शैली के कारण आमेर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे विश्व के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अमेरिकी राजदूत ने इसे भारत की एक ऐसी विरासत बताया जो दुनिया के सामने देश की गौरवशाली छवि प्रस्तुत करती है।
हाथी गांव की अनूठी पहल की सराहना
आमेर महल की सुंदरता निहारने के बाद अमेरिकी राजदूत और उनके दल ने आमेर स्थित ‘हाथी गांव’ का भी दौरा किया। यहाँ उन्होंने हाथियों के संरक्षण, उनके रहन-सहन और देखभाल के लिए की गई विशेष व्यवस्थाओं को देखा। हाथियों के प्रति प्रेम और उनके संरक्षण की इस अनूठी पहल की प्रतिनिधिमंडल ने जमकर प्रशंसा की। यह दौरा एक बार फिर साबित करता है कि राजस्थान की ऐतिहासिक इमारतें और यहाँ की परंपराएं आज भी वैश्विक स्तर पर कूटनीति और पर्यटन का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।
