
अजमेर: राजस्थान की हाई-प्रोफाइल अजमेर सेंट्रल जेल से हिंसा की एक दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ महज एक कप चाय को लेकर दो बंदियों के बीच छिड़ी बहस ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि एक कैदी को अपनी आंखों की रोशनी से हाथ धोना पड़ा। इस घटना ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह पूरी घटना 11 नवंबर 2025 की है। जानकारी के अनुसार, जेल में सजा काट रहे रामदेव नाम के बंदी ने दूसरे बंदी राजकुमार (निवासी ब्यावर रोड) से चाय मांगी थी। जब राजकुमार ने चाय देने से मना कर दिया, तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते रामदेव आपा खो बैठा और उसने राजकुमार के चेहरे पर उबलती हुई गर्म चाय फेंक दी। इससे पहले कि राजकुमार संभल पाता, आरोपी ने स्टील के भारी मग से उसकी आंख पर जोरदार हमला कर दिया।
गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया
हमले के तुरंत बाद राजकुमार को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। उसकी आंख इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी कि डॉक्टरों को तुरंत ऑपरेशन का फैसला लेना पड़ा। सर्जरी के दौरान उसकी आंख में नया लेंस भी डाला गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद राजकुमार की आंखों की रोशनी वापस नहीं लौट पाई। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले के कारण वह अब स्थायी रूप से विकलांगता का शिकार हो गया है।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने जेल प्रहरी गुमानाराम की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच अधिकारी एएसआई हरि यादव ने बताया कि आरोपी रामदेव, जो पहले से ही पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत सजा काट रहा है, उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद उसे दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
जेल के भीतर स्टील के मग जैसे बर्तनों का हथियार के रूप में इस्तेमाल होना चिंता का विषय है। बंदियों के बीच बढ़ता तनाव और छोटी सी बात पर इस तरह का जानलेवा हमला प्रशासन की निगरानी पर सवालिया निशान लगाता है। फिलहाल, राजकुमार की स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन मामले की आंतरिक जांच भी कर रहा है।
