
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए जयपुर की बड़ी तैयारी
जयपुर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर पहुँचाने के लिए नगर निगम ने एक ऐतिहासिक पहल की है। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26’ के तहत कल शहर में 14 घंटे की ‘सफाई सेवा मैराथन’ का आयोजन किया जाएगा। यह मेगा अभियान महज एक नियमित सफाई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि जयपुर को कचरा मुक्त बनाने के लिए शुरू किया गया एक बड़ा ‘स्वच्छता चैलेंज’ है। इस महा-अभियान के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य शहर के हर कोने की सूरत बदलना है।
14 घंटे का मेगा क्लीनअप और 150 वार्डों में मुस्तैदी
यह नॉन-स्टॉप सफाई अभियान सुबह 7 बजे शुरू होगा और रात 9 बजे तक चलेगा। आयुक्त ओम कसेरा के नेतृत्व में निगम की पूरी टीम जयपुर के सभी 13 जोन और 150 वार्डों में एक साथ मैदान में उतरेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन इलाकों पर ध्यान केंद्रित करना है जहाँ सामान्यतः सफाई कम हो पाती है। निगम का लक्ष्य शहर से निकलने वाले लगभग 2200 टन कचरे का त्वरित और प्रभावी निपटान करना है ताकि शहरवासियों को गंदगी से पूरी तरह निजात मिल सके।
नकद इनाम और ‘स्वच्छता हीरो’ का खिताब
सफाई कर्मियों और अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए इस मैराथन को एक प्रतियोगिता का रूप दिया गया है। अभियान के अंत में टीमों के प्रदर्शन के आधार पर मुख्य सफाई निरीक्षकों (सीएसआई) की रैंकिंग की जाएगी। शीर्ष तीन स्थानों पर आने वाली टीमों को भारी नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को ‘स्वच्छता हीरो’ और ‘स्टार ऑफ नगर निगम’ जैसे प्रतिष्ठित खिताबों से नवाजा जाएगा। विजेताओं की तस्वीरें पूरे एक महीने तक निगम मुख्यालय में सम्मान के साथ प्रदर्शित की जाएंगी।
जनभागीदारी से ‘स्वच्छ जयपुर, सुंदर जयपुर’ का सपना
आयुक्त ओम कसेरा ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम जनता से भी जुड़ने की अपील की है। निगम का मानना है कि स्वच्छता केवल सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की भागीदारी भी अनिवार्य है। इस मैराथन का मुख्य फोकस गली-मोहल्लों के कचरा पॉइंट्स को पूरी तरह साफ करना और लोगों को कूड़ा न फैलाने के प्रति जागरूक करना है। यदि यह अभियान सफल रहता है, तो जयपुर स्वच्छता के राष्ट्रीय मानकों पर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।
