
विश्वासघात की दर्दनाक दास्तां
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) के दौरान हुई एक सामान्य जान-पहचान ने एक 17 वर्षीय किशोरी की जिंदगी में अंधेरा भर दिया। जयपुर के एक सार्वजनिक पार्क में रोजाना टहलने जाने वाली नाबालिग छात्रा की मुलाकात वहां आने वाले एक युवक से हुई थी। दोस्ती के बहाने नजदीकियां बढ़ाने वाले इस युवक ने भरोसे का कत्ल करते हुए किशोरी को अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और अनजान लोगों पर बढ़ते अंधविश्वास को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नंबर एक्सचेंज के बाद बुना गया जाल
पुलिस जांच के अनुसार, पार्क में लगातार दो-तीन दिन की बातचीत के बाद दोनों के बीच मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने बीते शुक्रवार को पीड़िता को मिलने के बहाने एक सुनसान स्थान पर बुलाया। वहां से उसे बहला-फुसलाकर और डरा-धमकाकर एक घर में ले जाया गया, जहाँ आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी भी दी गई। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर डरी-सहमी पीड़िता अपने घर पहुँची और परिजनों को आपबीती सुनाई।
पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने तुरंत पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने नाबालिग के बयानों और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर ‘पोक्सो एक्ट’ (POCSO Act) और अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया। जयपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रविवार रात को ही आरोपी युवक को धर दबोचा। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाकर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। त्वरित गिरफ्तारी से पीड़िता के परिवार को न्याय की आस जगी है।
सावधान: अनजान से दोस्ती पड़ सकती है भारी
इस घटना के बाद जयपुर पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील जारी की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अजनबियों से मोबाइल नंबर साझा करना या उनके बुलावे पर अकेले जाना बेहद घातक साबित हो सकता है। यह न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि इससे साइबर फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग जैसी वारदातों की आशंका भी बनी रहती है। पुलिस ने सुझाव दिया है कि बच्चों को अजनबियों से संवाद करते समय एक सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध व्यवहार की जानकारी तुरंत परिवार या पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
