
सिविल लाइंस में पेयजल संकट पर फूटा गुस्सा
राजधानी जयपुर के पॉश माने जाने वाले सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के सुशीलपुरा (वार्ड 45) में मंगलवार को पेयजल किल्लत और दूषित पानी की समस्या को लेकर जनता का धैर्य जवाब दे गया। पिछले एक महीने से सीवरेज मिश्रित गंदा पानी पीने को मजबूर स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र के भाजपा विधायक गोपाल शर्मा का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल तब बेहद तनावपूर्ण हो गया जब भीड़ में से एक युवक ने सीवरेज के बदबूदार पानी से भरा गिलास विधायक की ओर बढ़ा दिया और उन्हें इसे पीकर जनता का दर्द समझने की सीधी चुनौती दे डाली।
गिलास सूंघकर विधायक ने किया इनकार
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह आक्रोशित महिलाएं और युवा विधायक को घेरकर अपनी समस्या बता रहे हैं। जब युवक ने गंदे पानी का गिलास विधायक को थमाया, तो उन्होंने उसे सूंघकर तुरंत पीने से इनकार कर दिया। इस पर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब विधायक इसे सूंघकर ही पीछे हट रहे हैं, तो क्षेत्र की जनता पिछले कई हफ्तों से यही ‘जहर’ पीने को क्यों मजबूर है? इस तीखी नोकझोंक ने शासन और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क निर्माण को बताया समस्या की जड़
मामले के तूल पकड़ने के बाद विधायक गोपाल शर्मा ने अपनी सफाई पेश की है। उनका कहना है कि सुशीलपुरा क्षेत्र में वर्तमान में नई सीसी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके कारण खुदाई के दौरान तकनीकी खराबी आने से सीवरेज और पेयजल की लाइनें आपस में मिल गईं। विधायक ने इसे एक ‘अस्थायी समस्या’ बताते हुए दावा किया कि वे खुद मौके पर स्थिति का जायजा लेने पहुँचे थे और जनता की शिकायतों को सुना है। उन्होंने स्वीकार किया कि गिलास में दिया गया पानी वाकई दूषित था, जिसे उन्होंने मौके पर ही पहचान लिया था।
अधिकारियों को अल्टीमेटम और समाधान का दावा
घटना के बाद विधायक ने जलदाय विभाग और नगर निगम के उच्च अधिकारियों को तलब कर तुरंत समाधान के निर्देश दिए हैं। विधायक के अनुसार, अधिकारी और तकनीकी टीम दिन-रात काम कर रही है ताकि पेयजल लाइनों को सीवरेज से अलग कर शुद्ध पानी की आपूर्ति बहाल की जा सके। हालांकि, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें यह कड़ा रुख अपनाना पड़ा। फिलहाल पूरे वार्ड में इस घटना की चर्चा है और लोग जल्द से जल्द साफ पानी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
