
राजस्थान के पशुपालकों के लिए एक जरूरी और राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने सुअरों में फैलने वाली जानलेवा बीमारी ‘क्लासिकल स्वाइन फीवर’ (CSF) को खत्म करने के लिए कमर कस ली है।
इस अभियान की मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं:
1. कल से शुरू होगा बड़ा अभियान
1 जनवरी 2026 से पूरे राजस्थान में सीएसएफ टीकाकरण (Vaccination) के तीसरे राउंड के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। यह अभियान 1 फरवरी तक चलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर एक सुअर को यह टीका लगाया जाए।
2. यह बीमारी क्यों खतरनाक है?
क्लासिकल स्वाइन फीवर सुअरों में फैलने वाला एक बहुत ही छुआछूत का रोग है। इसमें सुअरों की मौत बहुत जल्दी होती है, जिससे पशुपालकों को काफी बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
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लक्षण: अगर सुअर को तेज बुखार हो, कमजोरी आए, भूख न लगे या शरीर (कान, गर्दन, पेट) पर नीले-चाकलेटी धब्बे दिखने लगें, तो यह इस बीमारी के संकेत हो सकते हैं।
3. पशुपालकों के लिए जरूरी जानकारी
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेशचंद मीना ने सुअर पालकों से कुछ खास बातें कही हैं:
बिल्कुल मुफ्त: यह टीकाकरण पूरी तरह निःशुल्क है।
सुरक्षा का इकलौता रास्ता: इस बीमारी का कोई पक्का इलाज नहीं है, इसलिए समय पर टीका लगवाना ही अपने पशुओं की जान बचाने का एकमात्र तरीका है।
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सहयोग की अपील: सभी पशुपालक अपने पास के पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें और इस एक महीने के अभियान में अपने पशुओं का टीका जरूर लगवाएं।
4. अभियान का उद्देश्य
इस मुहिम का मकसद न केवल पशुओं को बचाना है, बल्कि सुअर पालन से जुड़े गरीब परिवारों की कमाई (आजीविका) को सुरक्षित करना भी है।
