
Abhishek Bachchan’s big revelation about ‘Refugee’ : बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘कालीधर लापता’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद किया और कई ऐसे अनुभव साझा किए, जिनके बारे में पहले कम ही बात हुई थी। अभिषेक ने बताया कि जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा था, तब वह सिर्फ काम करने पर ध्यान देते थे। जो भी फिल्म ऑफर होती, उसे स्वीकार कर लेते थे। लेकिन अब उन्हें लगता है कि उस समय उन्हें अपने फैसलों पर ज्यादा सोच-विचार करना चाहिए था।
अभिषेक बच्चन ने साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी‘ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में उनके साथ करीना कपूर भी पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आई थीं। फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्मकार जे. पी. दत्ता ने किया था। उस समय अभिषेक पर लोगों की नजरें सिर्फ इसलिए नहीं थीं कि वह नए अभिनेता थे, बल्कि इसलिए भी क्योंकि वह महान अभिनेता अमिताभ बच्चन के बेटे हैं। ऐसे में उनसे उम्मीदें भी काफी ज्यादा थीं।
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में अभिषेक ने कहा कि करियर की शुरुआत में उन्हें इंडस्ट्री की ज्यादा समझ नहीं थी। वह सिर्फ अभिनय करना चाहते थे। इसलिए जो भी काम मिलता, उसे बिना ज्यादा सोचे स्वीकार कर लेते थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें लगता था कि जितनी ज्यादा फिल्में करेंगे, उतना ज्यादा अनुभव मिलेगा। लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि हर फिल्म करना सही फैसला नहीं होता।
अभिषेक ने कहा कि आज अगर वह अपने शुरुआती दौर को देखें तो कई फैसले अलग तरीके से लेना पसंद करेंगे। उनका मानना है कि किसी भी कलाकार के लिए सिर्फ ज्यादा काम करना जरूरी नहीं होता, बल्कि सही स्क्रिप्ट और अच्छे किरदार का चुनाव करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। बातचीत के दौरान अभिषेक ने अपनी पहली फिल्म ‘रिफ्यूजी‘ की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि फिल्म के एक भावनात्मक दृश्य को शूट करने में उन्हें 17 टेक देने पड़े थे। उस समय वह बिल्कुल नए थे और कैमरे के सामने घबराहट महसूस कर रहे थे। हर बार उन्हें लगता था कि वह बेहतर कर सकते हैं, इसलिए बार-बार कोशिश करते रहे। आखिरकार कई टेक के बाद वह दृश्य पूरा हुआ।
उन्होंने कहा कि उस अनुभव ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया। धीरे-धीरे कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास बढ़ा और अभिनय में भी सुधार आता गया। आज जब वह उस समय को याद करते हैं तो मुस्कुरा देते हैं, लेकिन उस वक्त हर सीन उनके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था।
Abhishek Bachchan’s big revelation about ‘Refugee’
अभिषेक बच्चन ने अपने पिता अमिताभ बच्चन के स्टारडम पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि महान अभिनेता के बेटे होने के अपने फायदे जरूर हैं, लेकिन इसके साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। लोग हमेशा आपकी तुलना आपके माता-पिता से करते हैं। हर फिल्म के बाद यह देखा जाता है कि आप उनके स्तर तक पहुंचे या नहीं। ऐसी तुलना किसी भी नए कलाकार के लिए आसान नहीं होती। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि लोग उन्हें उनके काम से ज्यादा अमिताभ बच्चन के बेटे के रूप में देखते हैं। हालांकि उन्होंने कभी इसे शिकायत की तरह नहीं लिया। उनका कहना है कि वह अपने पिता पर गर्व करते हैं और हमेशा उनकी उपलब्धियों से प्रेरणा लेते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं था।
अभिषेक ने कहा कि समय के साथ उन्होंने आलोचनाओं को स्वीकार करना सीख लिया। शुरुआत में नकारात्मक बातें सुनकर दुख होता था, लेकिन अब वह हर प्रतिक्रिया से कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, एक कलाकार का सफर लगातार सीखते रहने का नाम है। अपने दो दशक से अधिक लंबे करियर में अभिषेक बच्चन ने कई तरह के किरदार निभाए हैं। उन्होंने एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों में काम किया है। कुछ फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि कुछ दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं। इसके बावजूद उन्होंने हमेशा नए प्रयोग करने की कोशिश की।
अभिषेक का कहना है कि अब वह किसी फिल्म को साइन करने से पहले उसकी कहानी, निर्देशक और अपने किरदार पर गंभीरता से विचार करते हैं। वह सिर्फ फिल्मों की संख्या बढ़ाने के बजाय ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहते हैं, जो दर्शकों के दिल तक पहुंच सकें। फिल्मों के अलावा अभिषेक ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। पिछले कुछ वर्षों में उनकी कई वेब सीरीज और फिल्में दर्शकों को पसंद आई हैं। इससे यह साबित हुआ कि वह हर माध्यम में खुद को नए अंदाज में पेश करने की क्षमता रखते हैं। फिलहाल उनके फैंस उनकी आने वाली फिल्म ‘कालीधर लापता‘ का इंतजार कर रहे हैं। दर्शकों को उम्मीद है कि इस फिल्म में भी अभिषेक एक अलग और दमदार किरदार में नजर आएंगे।
26 साल के फिल्मी सफर के बाद अभिषेक बच्चन का यह बयान बताता है कि सफलता सिर्फ प्रतिभा से नहीं, बल्कि सही फैसलों से भी मिलती है। उन्होंने अपने शुरुआती करियर की गलतियों को स्वीकार करते हुए साफ कहा कि अब वह बिना सोचे-समझे कोई फिल्म साइन नहीं करेंगे। उनके अनुभव यह भी बताते हैं कि हर कलाकार को समय के साथ सीखने और खुद को बेहतर बनाने का मौका मिलता है, और यही किसी लंबे करियर की सबसे बड़ी पहचान होती है।
