
रहस्यमयी मौत और कोटा का सफर
जयपुर के सांगानेर (प्रताप नगर) इलाके में रहने वाली मीरा लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना की गंभीरता तब बढ़ गई जब मृतका का पति, वीरेंद्र लोधी, मीरा के शव को एम्बुलेंस के बजाय अपनी निजी कार की पिछली सीट पर रखकर जयपुर से कोटा ले आया। बुधवार को पति ने ससुराल पक्ष को फोन कर पहले मीरा की तबीयत बिगड़ने और फिर उनकी मौत की सूचना दी। इस अजीबोगरीब घटनाक्रम ने पुलिस और परिजनों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों ने लगाया हत्या का संगीन आरोप
मृतका के पिता वासुदेव वर्मा (निवासी रतलाम) और भाई केशव ने पुलिस अधीक्षक कोटा को दी शिकायत में वीरेंद्र पर अपनी बेटी की हत्या करने का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि मीरा और वीरेंद्र की शादी को 13 साल हो चुके थे, लेकिन उनके बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। भाई का आरोप है कि मौत की सूचना देने के तुरंत बाद शव को कार में लेकर कोटा पहुंचना इस मामले को पूरी तरह संदिग्ध बनाता है, जिसे लेकर उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ससुराल पक्ष का दावा और घटनाक्रम
वहीं, दूसरी ओर वीरेंद्र के पिता (रेलवे से रिटायर्ड कर्मी) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वीरेंद्र जयपुर में एक फार्मेसी कंपनी में काम करता है और वहां अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ खुशी-खुशी रह रहा था। उनके अनुसार, बुधवार सुबह मीरा बाथरूम के बाहर फर्श पर गिरी हुई मिली थीं। वीरेंद्र ने उन्हें संभाला और फिर बच्चों को स्कूल से लाने के बाद अपने दो साथियों की मदद से मीरा के पार्थिव शरीर को कोटा लेकर आए ताकि वहां अंतिम संस्कार किया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने ‘जीरो नंबर’ का मर्ग दर्ज किया है, क्योंकि मूल घटना जयपुर की है। पुलिस ने बुधवार को ही शव को कब्जे में लेकर एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। गुरुवार को दोनों पक्षों की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई है। जयपुर पुलिस भी इस मामले की जांच के लिए कोटा पहुंच चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मीरा की मौत प्राकृतिक थी या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।
