
डीडवाना जिले के मकराना उपजिला अस्पताल में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लोकार्पण का अवसर राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ गया। अस्पताल में दो नई डायलिसिस मशीनें, सोनोग्राफी मशीन और दवा वितरण केंद्र का उद्घाटन कार्यक्रम तब विवादों में घिर गया, जब फीता काटने और अतिथि सत्कार को लेकर कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गैसावत और भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता रांदड़ आमने-सामने आ गए। विवाद की चिंगारी स्वागत समारोह के दौरान तब भड़की जब मंच संचालन के दौरान प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए विधायक से पहले भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम लिया गया। इस बात से नाराज विधायक गैसावत ने डायलिसिस रूम का फीता काटकर उद्घाटन प्रक्रिया शुरू कर दी, जिससे भाजपा खेमे में असंतोष फैल गया।
विवाद उस समय और गहरा गया जब भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता रांदड़ ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अस्पताल के पीएमओ डॉ. रामनिवास आंवला को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे सभी का सम्मान करती हैं, लेकिन किसी भी सरकारी मंच पर अपनी पार्टी का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगी। उनका तर्क था कि सरकारी कार्यक्रमों को गरिमापूर्ण और सही व्यवस्था के साथ आयोजित किया जाना चाहिए और इसमें राजनीति का हस्तक्षेप अनुचित है। दूसरी ओर, विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यह कोई दलीय कार्यक्रम नहीं बल्कि एक सरकारी आयोजन है। उन्होंने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी संस्थाओं में उद्घाटन का प्राथमिक अधिकार स्थानीय विधायक का होता है, जबकि जिलाध्यक्ष अपनी पार्टी के निजी कार्यक्रमों में फीता काटने के लिए स्वतंत्र हैं।
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इस तीखी नोकझोंक और वैचारिक मतभेदों के बीच विधायक ने अंततः सोनोग्राफी कक्ष और दवा केंद्र का भी फीता काटकर उद्घाटन संपन्न किया। हालांकि मंच पर तनाव का माहौल बना रहा, लेकिन अस्पताल प्रशासन और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार सुचारू रूप से सुनिश्चित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रदीप शर्मा और कई अन्य अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने विवाद के बावजूद इन नई सुविधाओं को जनता के लिए राहतकारी बताया। यह घटनाक्रम क्षेत्र में प्रशासनिक प्रोटोकॉल और राजनीतिक वर्चस्व की जंग को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है।
