
हनुमान जी महाराज हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक है इन्हें हनुमान जी के अलावा बजरंगबली और वायु पुत्र के नाम से भी जाना जाता है इनके पिता का नाम केसरी नंदन है और माता का नाम अंजना है । भारतवर्ष में हनुमान जी के बड़े-बड़े भक्त हुए हैं जिनमें से तुलसीदास जी का नाम प्रमुख रूप से आता है । इसके अलावा नीम करोली बाबा का भी प्रमुख स्थान है कई भक्तगण तो नीम करोली बाबा को हनुमान जी का अवतार मानते हैं । हनुमान जी महाराज प्रभु श्री राम के सबसे बड़े भक्त हैं । अगर भगवान राम के भक्तों की गिनती की जाए तो हनुमान जी महाराज का नाम सबसे पहले नंबर पर आता है । पावरफुल होने के बावजूद भी हनुमान जी महाराज अत्यंत विनम्र है और अपने भक्तों की हमेशा सहायता के लिए तैयार रहते हैं । आज हम इस आर्टिकल में भारत के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों की लिस्ट प्रदान करेंगे ताकि आप भी उन मंदिरों में जाकर दर्शन कर सके और हनुमान जी महाराज की कृपाएं प्राप्त कर सकें ।
Shri Bade Hanuman Ji Mandir Prayagraj
सबसे पहले स्थान पर आता है बड़े हनुमान जी का मंदिर | इस मंदिर को लेटेPatna Hanuman Mandir हुए हनुमान जी भी कहते हैं यह मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में गंगा यमुना और सरस्वतियों के संगम पर स्थित है । यह मंदिर बहुत ही विचित्र है क्योंकि यहां पर हनुमान जी महाराज की लेटी हुई प्रतिमा स्थापित है हर साल लाखों की संख्या में भक्तगण इस मंदिर में बजरंगबली के दर्शन हेतु पहुंचते हैं । इस मंदिर की एक और विशेषता यह है की मां गंगा इस मंदिर में हर साल प्रवेश करती है और मंदिर की प्रतिमा पानी में डूब जाती है । आपको बता दें कि इस मंदिर को किले वाले हनुमान जी के नाम से भी जाना जाता है ।
मंदिर में स्थित जो प्रतिमा है वह 20 फीट की है । प्रयागराज के संगम पर स्थित होने के कारण इस मंदिर की पवित्रता का भी महत्व बढ़ जाता है । बड़े हनुमान जी के अलावा इस मंदिर को “किले वाले हनुमान जी” “लेटे हुए हनुमान जी” “बांध वाले हनुमान जी” जैसे नाम से भी जाना जाता है |
बारे में कई तरह की कथाएं प्रचलित है कहां जाता है कि जब भगवान राम द्वारा रावण को युद्ध में हारने के बाद माता-पिता के आदेश से हनुमान जी महाराज ने यहां पर विश्राम किया था और विश्राम करने के लिए वह लेट गए थे इस वजह से यह लेटे हुए हनुमान जी के नाम से प्रसिद्ध है|
इस मंदिर के पीछे एक और लोक कथा प्रचलित है वह इस प्रकार है कि कन्नौज के राजा ने एक समय अपने लिए पुत्र प्राप्ति के लिए प्रार्थना की थी और विंध्याचल से मंगवाई गई हनुमान जी के प्रतिमा को संगम किनारे छोड़ दिया था ऐसा करने के बाद उन्हें पुत्र प्राप्त हुआ था । एक और मान्यता यह भी है कि इस हनुमान जी महाराज की प्रतिमा के पैर के नीचे अहिरावण पड़ा है | मंदिर में दर्शनों के लिए विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को हनुमान भक्तों का ताता लगा हुआ रहता है । हिंदू धर्म के अनुसार इस मंदिर में सुबह और शाम को आरती होती है जिसमें बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद होते हैं |
Pracheen Hanuman Mandir Connaught Place
देश की राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर भी हनुमान जी महाराज के भक्तों के लिए एक बड़ी आस्था का केंद्र है । मान्यता है कि यह मंदिर महाभारत काल के समय का है प्रत्येक मंगलवार हनुमान जन्मोत्सव के समय यहां पर विशालकाय भंडारों का आयोजन श्रद्धालुओं द्वारा किया जाता है इसके साथ ही भजन संध्या भी होती है जिसमें लाखों की संख्या में भक्तगण आते हैं ।
तुलसीदास जी इस मंदिर में दर्शन
मान्यता है कि भगवान राम के अनन्य भक्त और 15वीं शताब्दी के महान संत तुलसीदास जी ने भी इस मंदिर में दिल्ली यात्रा के दौरान हनुमान जी महाराज के दर्शन किए थे । दर्शन के पश्चात जब तुलसीदास जी मुगल दरबार में प्रस्तुत हुए तो सम्राट ने उन्हें कोई चमत्कार दिखाने को कहा तब हनुमान जी महाराज की कृपा से तुलसीदास जी ने सम्राट को चमत्कार दिखाकर प्रसन्न किया और मुगल सम्राट ने प्रसन्न होकर इसी मंदिर के शिखर पर इस्लामी चंद्रमा और कलश स्थापित किया । इसी वजह से मुस्लिम आक्रमणकारियों ने चंद्रमा स्थापित होने के कारण इस मंदिर पर कभी भी आक्रमण नहीं किया|
राजधानी दिल्ली के दूसरे क्षेत्र करोल बाग में भी हनुमान जी की 108 फीट ऊंची प्रतिमा मौजूद है और यह प्रतिमा आप कई किलोमीटर दूर से भी देख सकते हैं । आपने इस मूर्ति की झलक कई फिल्म और टीवी सीरियल में भी देखी होगी यह विशालकाय हनुमान जी की प्रतिमा राजधानी दिल्ली के करोल बाग में स्थित है इस प्रतिमा के पास में ही हनुमान जी का विशाल मंदिर भी मौजूद है । इस प्रतिमा की वजह से ही यह मंदिर पूरे भारतवर्ष में प्रसिद्ध है । हनुमान जी के यहां प्रतिमा बड़ी आकर्षक है क्योंकि इसमें भी अपना सीना चीरकर माता सीता को अपने हृदय में भगवान राम और सीता जी की तस्वीर दिखा रहे होते हैं ।
इस मंदिर से पहले मानता है कि यहां पर हनुमान जी और भगवान शिव की एक धुना हुआ करती थी और जिसकी की एक संत जिनका नाम बाबा सेवागीर महाराज है वहां पर तपस्या कर रहे थे तभी हनुमान जी महाराज ने उन्हें दर्शन दिए और स्वप्न में एक विशालकाय मूर्ति स्थापित करने का आदेश दिया इस घटना के पश्चात महाराज जी ने विशालकाय प्रतिमा को स्थापित करवाया ।
- इस मंदिर की स्थापना साल 1994 में शुरू की गई थी और इसको बनने में लगभग 13 वर्षों का समय लगा ।
- अन्य मंदिरों की तरह यहां पर भी मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में हनुमान भक्तों की भीड़ नजर आती है |
- हनुमान जयंती के अवसर पर तो यहां पर जाम जैसी स्थिति हो जाती है । हनुमान जन्मोत्सव के अलावा अन्य त्योहारों पर इस मंदिर में काफी भीड़ आती है
Panchmukhi Hanuman Mandir
पंचमुखी हनुमान जी हनुमान जी महाराज का ही एक अलग रूप है जिसमें अहिरावण से युद्ध करने के लिए उन्होंने यह रूप धर था आपको बता दे कि यह घटना रामायण काल में हुई थी जिसमें अहिरावण जो की पाताल लोक का राजा था उसे युद्ध में हारने के लिए हनुमान जी महाराज थे पंचमुखी रूप धारण करके अहिरावण को युद्ध में परास्त किया था पंचमुखी हनुमान जी के कई मंदिर हमारे भारतवर्ष में पहले से ही मौजूद है ।
प्रमुख मंदिरों की बात करें तो जयपुर के मोती डूंगरी के पास स्थित पंचमुखी हनुमान जी का मंदिर है यही सही हनुमान जी के पटल लोक में जाने की कथा जुड़ी है । जो दूसरा मंदिर है हरियाणा के यमुनानगर में स्थित है और तीसरा मंदिर धनुषकोडी में है और यहां के मूर्ति बहुत प्राचीन मानी जाती है । बताया जाता कि यहां के जो पत्थर है वह पानी में तैरते थे और उनका उपयोग मंदिर बनाने के लिए किया गया था ।
क्या है पंचमुखी हनुमान जी के रूप का महत्व है
- हनुमान जी महाराज के पांच मुखो का नाम इस तरह हनुमान, नरसिंह, गरुड, वराह और हयग्रीव
- यहां पर नर्सिंग का मतलब साहस है , गरुड़ का मतलब चुनौतियों पर विजय है वराह का मतलब वैभव संपन्निता है और हयग्रीव का मतलब ज्ञान और बुद्धि है
Hanuman Setu Mandir
सेतु उत्तर प्रदेश राज्य के लखनऊ शहर में गोमती नदी के तट पर स्थित है नदी के पास में स्थित एक पल के पास है मंदिर स्थापित है इस पल की वजह से यह मंदिर हनुमान सेतु के नाम से प्रसिद्ध है आपको बता दिए कि यह मंदिर बाबा नीम करोली जिन्हें हनुमान जी का अवतार माना जाता है ने बनाया था । इस मंदिर के पास ही बाबा नीम करौली का मंदिर भी स्थापित है । परंपरा के अनुसार भक्तगण हनुमान जी को पत्र लिखकर अपनी प्रार्थना करते हैं |
मान्यता के अनुसार बाबा नीम करोली ने कहा था कि मंदिर में सभी भक्तों की मनोकामना पूरी होगी जो भक्तगण मंदिर में पहुंच पाए वह पत्र के माध्यम से हनुमान जी को अपनी प्रार्थना लिख सकता है आपको बता दे कि इस मंदिर का निर्माण 26 जनवरी 1967 में पूरा हो गया था । बाबा नीम करोली ने गोमती नदी में पुल बनाने को लेकर भी काफी सहायता की थी |
Sarangpur Hanuman Mandir
अनेक प्रसिद्ध मंदिरों में गुजरात के सारंगपुर में स्थित हनुमान जी का मंदिर है । यह मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय के वड़ताल गढ़ी के अंतर्गत आता है । मान्यता के अनुसार स्वामीनारायण संप्रदाय के गोपालानंद स्वामी ने हनुमान जी की मूर्ति की स्थापना की थी बताया जाता है कि जब सद्गुरु गोपालानंद स्वामी जी ने हनुमान जी की मूर्ति को स्थापित किया उसके बाद उसे छड़ी से छुए तो वह मूर्ति जीवित हो गई और चलने लगी । इस घटना के बाद ये कहानी भी जन समुदाय में काफी प्रचलित हो गई ।
इस मंदिर को कष्टभंजन हनुमान जी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है । कि यह मानता है कि यहां पर हनुमान जी महाराज भक्तगणों की शारीरिक समस्याओं को भी दूर करते हैं । मंदिर में स्थापित मूर्ति की विशेषता यह है कि इसमें भगवान शनिदेव स्त्री के रूप में हनुमान जी महाराज के चरणों में है गुजरात में यह मंदिर बहुत ही लोकप्रिय है और बुरी आत्मा और मानसिक रोगों को दूर करने के लिए भक्तगण यहां पर दर्शन के लिए हर रोज आते हैं |
Sarangpur Hanuman Mandir Time
सारंगपुर हनुमान मंदिर जो की कष्टभंजन हनुमान जी मंदिर के नाम से भी प्रसिद्ध है इस मंदिर के सुबह खुलने का समय 5:30 बजे और दोपहर 12:00 तक इसके बाद शाम को 4:00 बजे से 9:00 बजे तक यह मंदिर खुला रहता है इस मंदिर की मंगला आरती सुबह 5:30 बजे होती है और शाम की आरती 6:30 बजे के आसपास होती है
Pandupol Hanuman Ji Mandir
हनुमान जी मंदिर राजस्थान के अलवर शहर के सरिस्का क्षेत्र में स्थापित है यह अत्यंत प्राचीन और पवित्र स्थान है पौराणिक मान्यता के अनुसार यहां पर महाभारत काल में पांडव अज्ञातवास के दौरान कुछ समय के लिए यहां पर रहे थे और मान्यता है कि यहीं पर ही हनुमान जी महाराज ने भीम को दर्शन देकर उसका घमंड भी तोड़ा था । बजरंगबली की प्रतिमा यहां पर लेटे हुए हैं जो इस मंदिर के महत्व को विशेष बनती है । आपको बता दे कि यहां पर एक प्राकृतिक रास्ता भी बना हुआ है जिसके पीछे कारण बताया जाता है की भी ने अपनी गधा के प्रहार से एक रास्ता बनाया था ताकि पांडव आगे की ओर जा सके यहां पर एक नेचुरल झरना भी बेहतर है ।
यह मंदिर सरिस्का के टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित है इस कारण यहां पर जाने और आने का भी समय निर्धारित किया गया है आपको बता दे की पांडुपोल मंदिर सप्ताह में केवल 2 दिन शनिवार और मंगलवार को ही भक्तों के लिए खुला रहता है यह मंदिर सुबह 8:00 बजे खुलता है और दोपहर 3:00 बजे तक बंद हो जाता है ।
Kalgam Hanuman Mandir
कलगाम हनुमान मंदिर भारत के गुजरात राज्य में स्थित है यह मंदिर एक विशालकाय और प्राचीन टीले पर स्थापित किया गया है । मान्यता है कि इस मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा पत्थरों के बीच खुदाई के समय प्राप्त हुई थी जानकारी के अनुसार इस मंदिर की उम्र 150 से 200 साल है । स्थानीय लोगों और आदिवासी इस मंदिर में समय-समय पर दर्शन करने आते रहते हैं । परंपरा के अनुसार इस मंदिर में शनिवार और रविवार को भक्तों का डाटा लगाव रहता है । और स्थानीय लोग भी अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए सुबह शाम मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं ।
आसपास के संतों के अनुसार मंदिर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति अत्यंत प्राचीन है और उनका विश्वास है कि इसके दर्शन करने से भक्तों के सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है मंदिर के आसपास एक कुआं भी स्थापित है ।
Shri Hanuman Mandir Jam Sawli
भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी महाराज का यह मंदिर मध्य प्रदेश राज्य के पांडुरना जिले में स्थित है यहां पर भी हनुमान जी महाराज की एक लेती भी प्रतिमा स्थापित की गई है इस प्रतिमा की नाभि से एक पवित्र जल लगातार निकलता रहता है इस मंदिर की स्थापना कब हुई थी इस प्रकार की जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन आसपास के स्रोतों के अनुसार बताया जाता है कि यह मंदिर तकरीबन 100 से 150 साल पुराना है । इस मंदिर के पीछे मान्यता है कि यहां पर रामायण काल के दौरान हनुमान जी महाराज ने कुछ समय के लिए विश्राम किया था । भक्तगण यहां पर अपने शरीर के बीमारियों और मानसिक बीमारियों को ठीक करने की प्रार्थना के लिए आते रहते हैं ।
यह मंदिर किसने बनाया इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है लेकिन मूर्ति के बारे में मान्यता प्रचलित है कि यह एक पीपल के वृक्ष के नीचे प्राप्त हुई थी । एक प्राचीन कथा के अनुसार यह मूर्ति पहले लेटी हुइ नहीं थी बल्कि सीधी खड़ी थी लेकिन कुछ लोगों द्वारा धन खोजने के लिए इस प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया गया था 20 घोड़े के बल से भी यह मूर्ति हीली नहीं थी और इस मूर्ति को यही स्थापित कर दिया गया था ।
- एक और मान्यता है की रामायण काल के दौरान जब हनुमान जी महाराज लक्ष्मण जी के मूर्छित होने पर संजीवनी बूटी लेने निकले थे तब कुछ समय के लिए उन्होंने यहीं पर विश्राम किया था ।
- मंदिर में स्थित मूर्ति की प्रतिमा की नाभि से निकलता हुआ जल भक्तजन पवित्र मानते हैं ।
Kale Hanuman Ji Mandir
काले हनुमान जी का मंदिर राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित है यह मंदिर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हवा महल के पास बड़ी चौपड़ के रास्ते में चांदी की टकसाल के मोहल्ले में स्थित है । और इस मंदिर की विशेषता यह है कि इस मंदिर में स्थापित हनुमान जी की मूर्ति काली है इसी वजह से इस मंदिर का नाम काले हनुमान जी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ है ।
- मंदिर के पीछे मान्यता है कि हनुमान जी महाराज द्वारा अपने गुरु सूर्य देव को दक्षिण देते समय शनि देव के कारण वरदान प्राप्त हुआ था
- भक्तजनों में मंदिर में मिलने वाली नजर के डोरे को शुभ माना जाता है ।
- यूं तो यह मंदिर हर रोजी हनुमान जी के भक्तों से भरा हुआ रहता है लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां पर विशेष भीड़ आती है ।
मान्यता के अनुसार यह मंदिर तकरीबन 1000 साल पुराना है और जिन भक्तों को स्वास्थ्य या नजर के दोष है वह इस मंदिर में दर्शन करके अपनी समस्याओं से निजात पाते हैं । एक दूसरे मान्यता के अनुसार इस मंदिर में मिलने वाले नजर के दौर से बच्चों को बुरी नजर से बचने के लिए दिया जाता है । इस मंदिर में पहुंचने का रास्ता बहुत ही आसान है यह मंदिर लगभग में मुख्य रोड पर स्थित है । इस मंदिर का आने की और धार्मिक महत्व है बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी है क्योंकि मंदिर एक साल पुराना है ।
Sankat Mochan Hanuman Mandir
यूं तो पूरे भारत में संकट मोचन के नाम से हनुमान जी के बहुत सारे मंदिर है लेकिन उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है मानता है किस मंदिर का निर्माण भगवान राम के अनन्य भक्त तुलसीदास जी ने 16वीं शताब्दी में करवाया था स्थानीय लोगों के अनुसार इस मंदिर में तुलसीदास जी को हनुमान जी महाराज ने स्वयं प्रकट होकर दर्शन दिए थे । हनुमान जन्मोत्सव पर यहां पर भक्तगणों की विशेष उपस्थिति होती है ।
- इस मंदिर की कोई और भी विशेषताएं हैं जैसे इस मंदिर में एक पीपल का पेड़ और एक कुआं भी स्थापित है
- इसके अलावा भगवान राम का मंदिर भी इस मंदिर में स्थापित है ।
Chamatkarik Shree Hanumanji Mandir Visa Hanuman
वीजा हनुमान के नाम से प्रसिद्ध है मंदिर गुजरात के अहमदाबाद शहर के देसाई पल क्षेत्र में स्थित है यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है जिसके पीछे कारण है कि जो भक्तगण विदेश जाना चाहते हैं और जिन्हें वीजा की आवश्यकता होती है वह इस मंदिर में दर्शन करने हेतु आते हैं । विजा हनुमान जी मंदिर के अलावा इस मंदिर की प्रसिद्ध चमत्कारिक हनुमान मंदिर के नाम से भी है अन्य मंदिरों की तुलना में यहां पर भी शनिवार और मंगलवार को विशेष भीड़ इकट्ठा होती है और हनुमान चालीसा और हनुमान जी की आरती का पाचन करती है इस मंदिर में हनुमान जी महाराज विदेश जाने वाले भक्तों के मनोकामना पूरी करते हैं ।
ऐतिहासिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर की स्थापना लगभग 400 से 500 वर्ष पूर्व संत बापूजी द्वारा की गई थी भक्तगण जब मंदिर में वीजा हेतु आते हैं तब वह अपने जरूरी कागजात और पत्र भी लेकर आते हैं और हनुमान जी की मूर्ति के आगे रखकर भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें विदेश यात्रा के लिए वीजा की अनुमति मिल जाए|
- इस मंदिर में दर्शन करने का समय सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और शाम 5:00 से रात के 8:00 बजे तक है
- शनिवार को यह मंदिर सुबह 10:00 बजे से रात को 10:00 बजे तक खुला रहता है ।
Marghat Hanuman Mandir
राजधानी दिल्ली के जमुना बाजार में मरघट वाले हनुमान जी का मंदिर स्थापित है यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध और मान्यता प्राप्त है । मंदिर की मान्यता के अनुसार यहां पर स्वयं हनुमान जी महाराज ने शमशान घाट में रहने वाली बुरी आत्माओं को मोक्ष की प्राप्ति करवाई थी इसी वजह से इसका नाम मार्गत वाले बाबा या मार्गत वाले हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है । इस मंदिर में हर साल यमुना नदी भी प्रवेश करती है मंदिर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा जमीन से करीब 8 फीट नीचे है । जिससे इस मंदिर की वास्तुकला नगर शैली में होने का प्रमाण मिलता है । मंदिर में प्रवेश करने पर भक्तों को शांत वातावरण और सुख का एहसास होता है । कश्मीरी गेट क्षेत्र में स्थापित होने की गाड़ी इस मंदिर में लगातार भीड़ बनी रहती है ।
Pitreshwar Hanuman Mandir Indore
पीतेश्वर या पित्रेश्वर हनुमान मंदिर की स्थापना 2002 में कैलाश विजयवर्गीय द्वारा की गई थी यह मंदिर एक पित्र पर्वत पर स्थापित है इसमें हनुमान जी की विशालकाय अष्टधातु से बनी 71 फीट ऊंची प्रतिमा है जो पितृ दोष और मनोकामना पूर्ण करने के लिए जानी जाती है । साल 2002 में सांसद कैलाश विजयवर्गीय जी ने इस स्थान जो देव धर्म टेकरी के नाम से प्रसिद्ध था विकसित करने के लिए यहां पर 71 फीट ऊंची हनुमान जी के विशालकाय प्रतिमा को स्थापित करवाया । परंपरा के अनुसार इस क्षेत्र में पितरों को खुश करने के लिए पेड़ लगाने की परंपरा शुरू की गई जब ज्यादा से ज्यादा लोग पेड़ लगाते गए तो यह जगह है पवित्र स्थान में बदल गया ।
जहां पर हनुमान जी की प्रतिमा बेटी भी स्थिति में मौजूद है । मंदिर के अंदर हनुमान जी की दो प्रतिमाएं एक तो बैठी हुई और दूसरी अपनी मां अंजना की गोद में कर रखे हुए ।
Triveni Hanuman Mandir
हरियाणा की त्रिवेणी क्षेत्र में हनुमान जी महाराज की बैठी हुई प्रतिमा है यह प्रतिमा बहुत विशाल है जिसे आप 14 किलोमीटर दूर से भी देख सकते हैं आपको बता दे कि इस विशालकाय प्रतिमा को बनाने में लगभग 9 से 10 साल का समय लगा था इस प्रतिमा के बगल में एक छोटा सा मंदिर भी है यहां पर मंगलवार हो शनिवार को हनुमान जी के परम भक्तों की भीड़ लगी रहती है यह प्रतिमा इतनी बड़ी है कि आप हाईवे से गुजरते हुए या 15 से 20 किलोमीटर दूर के क्षेत्र से 20 को देख सकते हैं और हनुमान जी महाराज के दर्शन कर सकते हैं ।
इस प्रतिमा के दर्शन करने के लिए आपको लखानी अरमान मेट्रो स्टेशन आना होगा इसके बाद यहां से आप फोटो ले सकते हैं|
Patna Hanuman Mandir
मंदिर के बिना भारत के हनुमान मंदिरों की चर्चा पूरी नहीं हो सकती है यह मंदिर काफी ऐतिहासिक है बताया जाता है की पटना के रेलवे स्टेशन के पास पीपल के पेड़ के नीचे मंदिर था बाद में धीरे-धीरे स्थान लोगों ने चंदा इकट्ठा करके 1980 में इसका निर्माण शुरू किया यह मंदिर पटना के महावीर हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है इस मंदिर के माध्यम से कैंसर अस्पतालों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है ।
महावीर हनुमान मंदिर पटना का संबंध रामानंद संप्रदाय से और बताया जाता है कि 1730 ईस्वी में संत बाल आनंद ने इसकी स्थापना की थी । बाद में 1980 के दशक में स्थानीय लोगों ने चंदा इकट्ठा करके इस मंदिर का जन्मदाता करवाया ।
जय महावीर मंदिर पूरे भारत में बहुत प्रसिद्ध है इस मनोकामना मंदिर भी कहा जाता है क्योंकि यहां पर हनुमान जी महाराज के भक्तों की मनोकामना पूरी होती है इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां पर प्रसाद में ‘नैवेद्यम लड्डू’ वितरित किया जाता है जो की बहुत ही स्वादिष्ट होता है
Panki Hanuman Mandir
पनकी हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में स्थित है मान्यता है कि महंत पुरुषोत्तम दास जी जब चित्रकूट से लौट रहे थे तो एक चट्टान पर हनुमान जी की तस्वीर को देखकर वहीं रुक गए और उन्होंने मंदिर के निर्माण का फैसला किया । इस मंदिर की स्थापना कानपुर शहर के निर्माण से पहले ही हो चुकी थी यहां पर हनुमान जी महाराज के तीन अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन होते हैं जिसमें सुबह बाल स्वरूप दोपहर में युवा स्वरूप और शाम को वृद्धि स्वरूप है जो कि इस मंदिर की विशेषता को दर्शाता है यहां पर सभी भक्त अगर अपनी मनोकामना और अर्जी के लिए आते हैं ।
Hanuman Gadi Mandir
हनुमानगढ़ी मंदिर अयोध्या शहर में स्थित है जी हां अयोध्या जो कि भगवान राम का राज्य था यह मंदिर ऐतिहासिक रूप से भी काफी पुराना है आपको बता दिया कि हनुमान जी महाराज को अयोध्या शहर का कोतवाल माना जाता है यह मंदिर श्री राम जन्मभूमि के पास एक ऊंची टीले पर स्थापित है । परंपरा के अनुसार भगवान राम के दर्शन करने के पश्चात हनुमानगढ़ में हनुमान जी के दर्शन करना भी अनिवार्य माना जाता है इस मंदिर में हनुमान जी की विशालकाय प्रतिमा दक्षिण दिशा की ओर मुख किए हुए हैं और उनके पैरों के नीचे अहिरावण है ।
इस मंदिर में हनुमान जी महाराज बाल रूप में अपनी मां अंजना की गोद में विराजमान है । इतिहास के अनुसार इस मंदिर का निर्माण सम्राट विक्रमादित्य ने करवाया था इसके बाद अवध के नवाबों ने भी इस मंदिर के निर्माण में अपना योगदान दिया मंदिर के अंदर एक विजय स्तंभ भी मौजूद है जिसके पीछे कारण यह है की लंका विजय के उपरांत इसे स्थापित किया गया था ।
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर राजस्थान के दोसा जिले में स्थित है यह बहुत ही प्राचीन हनुमान जी का मंदिर है जहां पर हनुमान जी अपने बाल स्वरूप में स्थापित है यह मंदिर बुरी आत्माओं और बुरी नजरों को दूर करने के लिए प्रसिद्ध है हनुमान जी महाराज के अलावा इस मंदिर में प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा की पूजा होती है राजस्थान समेत देश के सभी बजरंगबली के भक्त इस मंदिर में दर्शन के लिए हाजिरी देते हैं इस मंदिर में आने के लिए आपको सख्त नियमों का पालन करना पड़ता है जैसे प्रसाद घर ले जाना और खाने-पीने की वस्तुओं को छूना यहां पर वर्जित है ।
इस मंदिर की स्थापना दोसा स्थित दो पहाड़ियों के बीच में की गई थी यहां पर तीन प्रमुख देवताओं की पूजा अर्चना होती है जिसमें प्रमुख रूप से हनुमान जी महाराज प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा है यह मंदिर बुरी आत्माओं को दूर करने के लिए प्रसिद्ध है मान्यता के अनुसार यहां पर हनुमान जी महाराज की मूर्ति स्वामी प्रकट हुई थी मंदिर में भक्तगण स्वामी का भोग लगाते हैं ।
मंदिर में दर्शन करने से पहले कई नियमों को जानना आवश्यक है :-
- जैसे मंदिर के अंदर किसी भी अनजान व्यक्ति को नहीं छुए
- न हीं कोई बात करें और कोई भी व्यक्ति अगर खाने का सामान दे तो उसे न खाएं
- मंदिर में प्याज लहसुन से परहेज करें और वापस लौटते समय मंदिर से कोई भी प्रसाद करने ले जाए और न हीं पीछे मुड़कर देखें ।
सालासर बालाजी मंदिर
बालाजी मंदिर राजस्थान के चूरू शहर में स्थित है यह मंदिर भी मेहंदीपुर बालाजी की तरह ही प्रसिद्ध मंदिर है राजस्थान और देश-विदेश के बहुत सारे बजरंगबली के भक्त यहां पर दर्शन हेतु आते हैं इस मंदिर की विशेषता यह है कि हनुमान जी की मूर्ति के मुछे और दाढ़ी भी है जबकि अन्य मंदिरों में ऐसा नहीं है यहां पर हनुमान जन्मोत्सव के समय विशाल मेले भी आयोजित किए जाते हैं इस मंदिर की स्थापना 1754 में हुई थी एक किसान द्वारा खेत जोत समय मूर्ति मिलने के बाद एक महात्मा भक्ति ने इस मंदिर का निर्माण कराया था ।
इस मंदिर में स्थित हनुमान जी की मूर्ति के मुछे और दाढ़ी को घी और सिंदूर से सजाया जाता है । परंपरा के अनुसार इस मंदिर में चूरमे का भोग लगाया जाता है और मंगलवार और शनिवार को मंदिर वक्त चरणों से भरा हुआ रहता है ।
