
श्रद्धा के केंद्र में ‘अशक्ति’ का प्रदर्शन
राजस्थान की राजधानी जयपुर के सुप्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में शनिवार दोपहर एक बेहद निंदनीय घटना सामने आई, जहाँ कानून के रखवाले ही आपस में भिड़ गए। दर्शन करने पहुँची एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) और ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल हरवेन्द्र सिंह के बीच स्कूटी पार्किंग को लेकर मामूली कहासुनी शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते मारपीट का रूप ले लिया। आस्था के इस बड़े केंद्र पर मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं के सामने हुई इस घटना ने राजस्थान पुलिस के आंतरिक अनुशासन और धैर्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्कूटी हटाने की बात पर भड़का विवाद
जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर अपने बच्चों के साथ स्कूटी पर मंदिर दर्शन के लिए पहुँची थीं। उन्होंने अपनी स्कूटी मंदिर के पास रास्ते में ही खड़ी कर दी थी, जिस पर वहां तैनात कॉन्स्टेबल हरवेन्द्र ने आपत्ति जताई और नियमों का हवाला देते हुए वाहन हटाने को कहा। महिला अधिकारी का तर्क था कि वे महज 10 मिनट में दर्शन कर लौट आएंगी, लेकिन ड्यूटी पर तैनात जवान के अड़ने पर बहस तीखी हो गई। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर शांत कराया।
थाने पहुँचा मामला, दर्ज हुई FIR
सरेआम हुई इस हाथापाई के बाद दोनों पक्ष मोती डूंगरी पुलिस थाने पहुँचे, जहाँ माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। महिला सब-इंस्पेक्टर ने कॉन्स्टेबल के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है, वहीं कॉन्स्टेबल ने भी अपना पक्ष रखते हुए महिला अधिकारी पर नियम तोड़ने और वर्दी का रौब दिखाने की बात कही है। एडीसीपी (ईस्ट) आलोक सिंघल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला SI की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
जांच के घेरे में अनुशासन, होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण की जांच एसीपी (गांधीनगर) नारायण बाजियां को सौंपी गई है। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर पुलिसकर्मियों का ऐसा व्यवहार विभाग की छवि को धूमिल करता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले पक्ष के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल इस घटना का वीडियो और चर्चा पूरे शहर में फैली हुई है, जिससे खाकी की साख पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गया है।
