
घर में घुसकर किडनैपिंग का दुस्साहस
राजस्थान के अजमेर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ कृष्णगंज थाना क्षेत्र में एक एनआरआई को उनके ही घर से अगवा करने का प्रयास किया गया। पीड़ित गंगाधर, जो मूल रूप से कनाडा में रहते हैं, अपने बीमार भाई के इलाज के लिए पिछले कुछ समय से अजमेर आए हुए हैं। वारदात के वक्त वे अपने बच्चों के साथ घर पर चाय बना रहे थे, तभी कार सवार तीन बदमाश वहां पहुँचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए गिरफ्तारी वारंट का हवाला देकर उन्हें साथ चलने को कहा। बदमाशों की इस अचानक धमक से इलाके में सनसनी फैल गई है।
हथियारों की नोक पर ‘खाकी’ का फर्जीवाड़ा
पीड़ित गंगाधर के अनुसार, जब उन्होंने कथित पुलिसकर्मियों से वारंट दिखाने और अपने वकील से बात करने की मांग की, तो बदमाशों का लहजा बदल गया। आरोपियों ने जबरन उन्हें कार में बैठाने की कोशिश की और डराने-धमकाने लगे। वायरल हो रहे वीडियो में एक बदमाश के हाथ में रिवॉल्वर जैसा हथियार भी साफ नजर आ रहा है, जिससे इस पूरी साजिश की गंभीरता और बढ़ गई है। बदमाशों ने खुद को कानून का रखवाला बताकर पीड़ित को जाल में फंसाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंगाधर की सतर्कता ने उनके मंसूबों को भांप लिया।
बच्चों की बहादुरी ने बचाई पिता की जान
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे टर्निंग पॉइंट तब आया जब गंगाधर ने स्थिति की नजाकत को समझते हुए अपने बच्चों को मोबाइल से वीडियो बनाने का इशारा किया। जैसे ही बच्चों ने मोबाइल कैमरा ऑन कर रिकॉर्डिंग शुरू की, अपनी पहचान उजागर होने के डर से अपराधी घबरा गए। कैमरे के सामने आते ही बदमाशों के हौसले पस्त हो गए और वे तुरंत अपनी कार में सवार होकर मौके से रफूचक्कर हो गए। बच्चों की इस छोटी सी लेकिन बेहद प्रभावशाली सूझबूझ ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ पुख्ता डिजिटल सबूत भी दे दिए।
पुलिस की नाकाबंदी और ‘अनसुलझी’ दुश्मनी
घटना की सूचना मिलते ही कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविंद चारण जाप्ते के साथ मौके पर पहुँचे और जांच शुरू की। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और शहर भर में नाकाबंदी कर संदिग्ध कार की तलाश की जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि पीड़ित ने किसी भी व्यक्ति से पुरानी रंजिश या दुश्मनी से इनकार किया है, जिससे यह मामला और भी रहस्यमयी हो गया है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या बदमाशों का मकसद केवल फिरौती वसूलना था या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी है।
