
Jaipur News : राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल की गई है। जयपुर स्थित सवाईमानसिंह अस्पताल (एसएमएस अस्पताल) में जल्द ही AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित रोबोटिक फिजियोथेरेपी की शुरुआत होने जा रही है। यह राजस्थान में अपनी तरह की पहली सरकारी स्वास्थ्य सुविधा होगी, जिससे लकवा, स्ट्रोक, स्पाइनल इंजरी, दुर्घटना में घायल मरीजों और लंबे समय से शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को आधुनिक उपचार मिल सकेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार नई तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है और अब राजस्थान भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एसएमएस अस्पताल पहले ही रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाओं को अपनाकर राज्य में नई पहचान बना चुका है। अस्पताल में रोबोटिक तकनीक की मदद से सैकड़ों जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। अब अस्पताल प्रशासन फिजियोथेरेपी और पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए AI आधारित रोबोटिक सिस्टम शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस तकनीक की मदद से मरीजों की शारीरिक गतिविधियों का विश्लेषण किया जाएगा और उनकी जरूरत के अनुसार उपचार योजना तैयार की जाएगी।
क्या है AI आधारित रोबोटिक फिजियो थेरेपी?
AI आधारित रोबोटिक फिजियोथेरेपी एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसमें रोबोट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिलकर मरीज के शरीर की गतिविधियों का अध्ययन करते हैं। इसके बाद मशीन मरीज को नियंत्रित और सटीक व्यायाम करवाती है। इस प्रक्रिया में हर गतिविधि का डेटा रिकॉर्ड होता है और मरीज की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाती है। पारंपरिक फिजियोथेरेपी में जहां चिकित्सक मरीज को व्यायाम करवाते हैं, वहीं रोबोटिक फिजियोथेरेपी में मशीन बार-बार एक जैसी सटीक गतिविधियां करवा सकती है। इससे मरीज के ठीक होने की प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी हो सकती है।
किन मरीजों को मिलेगा लाभ?
इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा उन मरीजों को होगा जो लंबे समय तक पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरते हैं। इनमें शामिल हैं—
- स्ट्रोक (ब्रेन अटैक) के मरीज
- लकवा प्रभावित मरीज
- स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के मरीज
- सड़क दुर्घटना में घायल लोग
- जोड़ों के ऑपरेशन के बाद रिकवरी कर रहे मरीज
- बुजुर्ग मरीज जिनकी चलने-फिरने की क्षमता कम हो गई है
- न्यूरोलॉजिकल रोगों से पीड़ित लोग
विशेषज्ञों का मानना है कि रोबोटिक तकनीक मरीजों को नियमित और नियंत्रित अभ्यास उपलब्ध कराती है, जिससे शरीर के प्रभावित हिस्सों की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस तकनीक की सबसे बड़ी ताकत है। AI मरीज की मांसपेशियों की ताकत, शरीर के संतुलन, चलने की गति और अन्य गतिविधियों का विश्लेषण करेगा। इसके आधार पर मशीन यह तय करेगी कि मरीज को किस प्रकार का व्यायाम और कितनी तीव्रता से कराया जाना चाहिए। यदि किसी मरीज की स्थिति में सुधार होता है, तो AI सिस्टम अपने आप उपचार योजना में बदलाव भी कर सकेगा। इससे डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट को मरीज की प्रगति का सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी।
सरकारी अस्पताल में मिलेगी आधुनिक सुविधा
Jaipur News : अब तक ऐसी अत्याधुनिक सुविधाएं मुख्य रूप से निजी अस्पतालों और विशेष पुनर्वास केंद्रों तक सीमित थीं। लेकिन एसएमएस अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने के बाद आम और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज भी इसका लाभ उठा सकेंगे। एसएमएस अस्पताल राजस्थान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल माना जाता है और यहां हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में इस नई तकनीक का लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में नया अध्याय
पिछले कुछ वर्षों में एसएमएस अस्पताल ने कई आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं शुरू की हैं। रोबोटिक सर्जरी, अत्याधुनिक त्वचा रोग संस्थान और नई चिकित्सा तकनीकों के उपयोग से अस्पताल लगातार अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित रोबोटिक फिजियोथेरेपी की शुरुआत राजस्थान के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय साबित होगी। इससे न केवल मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा बल्कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।
