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खेतों में फसलों की आड़ में गांजे की खेती
राजस्थान के जयपुर जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने ‘ऑपरेशन एंटी वेनम’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। खेजरोली कस्बे में मूंडरू रोड पर स्थित एक सार्वजनिक पार्क के ठीक बगल में गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने एक खेत में दबिश देकर गांजे के कुल 1057 हरे पौधे बरामद किए हैं, जिनका वजन लगभग 74.470 किलोग्राम मापा गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह नशे की फसल एक पब्लिक पार्क के पास उगाई जा रही थी, जिससे पुलिस की मुस्तैदी और तस्करों के दुस्साहस, दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गंध सूंघकर मौके पर पहुँची गोविंदगढ़ पुलिस
इस कार्रवाई के पीछे पुलिस की सूझबूझ और सतर्कता की अहम भूमिका रही। गोविंदगढ़ थाना अधिकारी विनोद कुमार सांखला के नेतृत्व में जब टीम गश्त कर रही थी, तब उन्हें पार्क के पास खेत की तारबंदी के भीतर से गांजे जैसी तेज गंध आई। संदेह होने पर जब टीम ने भीतर जाकर पौधों की पहचान की, तो वे मादक पदार्थ गांजे के निकले। खेत मालिक की पहचान नरपत सिंह उर्फ लालसिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी पौधों को जड़ से उखाड़कर जब्त कर लिया और अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
‘ऑपरेशन एंटी वेनम’ का जबरदस्त प्रहार
जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश के निर्देश पर 15 से 31 मार्च तक चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन एंटी वेनम’ ने नशा तस्करों की कमर तोड़ दी है। बीते मात्र 10 दिनों में पुलिस ने 152 अलग-अलग कार्रवाइयां करते हुए 160 तस्करों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। इस अभियान के दौरान जयपुर ग्रामीण, सीकर, दौसा और अलवर सहित विभिन्न जिलों से भारी मात्रा में गांजा, स्मैक, डोडा पोस्त और एमडी ड्रग्स बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस सक्रियता से न केवल तस्करों में खौफ बढ़ा है, बल्कि नशे की सप्लाई चेन को भी बड़ा झटका लगा है।
अगला चरण: नशा करने वालों की खैर नहीं
पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि अभियान का पहला चरण 31 मार्च तक पूरा होगा, जिसके बाद दूसरे चरण में नशा करने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा। वर्तमान जांच और पूछताछ में करीब 200 अन्य ड्रग तस्करों और 1000 से अधिक नियमित नशा करने वालों की सूची तैयार की गई है, जो अब पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस का लक्ष्य न केवल तस्करी रोकना है, बल्कि नशा करने वालों को जागरूक करना और न मानने पर कठोर कानूनी कार्रवाई करना भी है। खेजरोली की यह कार्रवाई इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जिसने अवैध नशे के कारोबारियों को कड़ा संदेश दिया है।
