
पशु प्रेम और सेवा का अनूठा उदाहरण
गुलाबी नगरी जयपुर का प्रसिद्ध ‘हाथी गांव’ आज एक बेहद खास और यादगार जश्न का गवाह बनने जा रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के युवा उद्योगपति और पशु प्रेमी अनंत अंबानी का जन्मदिन यहां हाथियों के संग बड़े ही अनोखे अंदाज में मनाया जाएगा। यह आयोजन न केवल एक जन्मदिन का उत्सव है, बल्कि बेजुबान जानवरों के प्रति संवेदना और सेवा भावना का एक जीवंत उदाहरण पेश करेगा। हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष शफीक बल्लू खान के अनुसार, दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में हाथी खुद केक काटकर अपने संरक्षक के जन्मदिन की खुशियां साझा करेंगे।
हाथी बाबू और पुष्पा काटेंगे जन्मदिन का केक
इस दिव्य आयोजन का मुख्य आकर्षण वह पल होगा जब हाथी ‘बाबू’ अपनी साथी हथिनियों ‘पुष्पा’ और ‘चंदा’ के साथ मिलकर अनंत अंबानी के जन्मदिन का केक काटेंगे। हाथियों को राजस्थानी परंपरा के अनुसार आकर्षक रंगों और आभूषणों से सजाया गया है। अपनी सूंड से केक काटने का यह नजारा न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों के लिए भी कौतूहल का विषय बना हुआ है। हाथी गांव के निवासी और महावत इस आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि अनंत अंबानी ने ‘वनतारा’ जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए देश में हाथियों के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं।
3000 किलो फलों का ‘भव्य फ्रूट बुफे’
जश्न के दौरान हाथियों की दावत के लिए एक विशाल ‘फ्रूट बुफे’ तैयार किया गया है। इसमें करीब 3000 किलो ताजे और मौसमी फल जैसे केला, सेब, तरबूज, पपीता, संतरा और गन्ना शामिल हैं। इसके साथ ही हाथियों के पसंदीदा गुड़ और हरे चारे की भी भरपूर व्यवस्था की गई है। आयोजन का प्रबंधन इस तरह किया गया है कि गांव में मौजूद सभी 100 से अधिक हाथियों को समान रूप से यह पौष्टिक भोजन मिले। हाथियों की सेहत और पसंद को ध्यान में रखते हुए यह बुफे उनकी पसंदीदा खाद्य सामग्रियों से सजाया गया है।
महावतों का सम्मान और जीव-जंतुओं के प्रति आभार
हाथियों की सेवा के साथ-साथ उनके संरक्षकों यानी महावतों का आभार जताने के लिए एक विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा। इस दौरान महावतों को राशन किट, कपड़े, जूते और कैप जैसे उपयोगी उपहार वितरित किए जाएंगे। आयोजकों का मानना है कि महावत और हाथी का रिश्ता बेहद गहरा होता है, और महावतों का सम्मान करना वास्तव में पशु सेवा को मजबूती देना है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोजित यह कार्यक्रम राजस्थानी संस्कृति, मानव-पशु प्रेम और पर्यावरण संवेदनशीलता का एक सशक्त संदेश पूरी दुनिया को देगा।
