
हाई-प्रोफाइल शादी और बेपटरी हुई ट्रैफिक व्यवस्था
राजधानी जयपुर में 9 मार्च को आयोजित एक हाई-प्रोफाइल विवाह समारोह अब पुलिस महकमे के लिए गले की फांस बन गया है। लाडनू से कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर और आरजेएस अधिकारी कोमल मीणा के इस विवाह समारोह के दौरान सीकर रोड पर कई किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया था। हरमाड़ा क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के दिग्गज नेताओं के साथ-साथ कई वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स भी शामिल हुए थे। वाहनों के भारी दबाव के कारण आम जनता को घंटों तक रेंगना पड़ा, जिसने पुलिस के ट्रैफिक मैनेजमेंट की पोल खोलकर रख दी।
वायरलेस पर गूंजते रहे मैसेज, रेंगते रहे वीआईपी
सूत्रों के अनुसार, जाम की स्थिति इतनी विकट थी कि पुलिस कंट्रोल रूम से वायरलेस सेट पर लगातार अलर्ट और संदेश प्रसारित किए जा रहे थे, लेकिन मौके पर तैनात अधिकारी व्यवस्था सुचारू करने में नाकाम रहे। हालात ये थे कि आम नागरिकों के साथ-साथ कई वीआईपी मेहमान भी घंटों तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। इस अव्यवस्था ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए, जिसके बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बनाते हुए स्पेशल सीपी स्तर पर विस्तृत जांच के आदेश जारी किए थे।
स्पेशल कमिश्नर की रिपोर्ट में लापरवाही उजागर
मामले की जांच स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश को सौंपी गई थी, जिन्होंने अपनी विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय (PHQ) को भेज दी है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लापरवाही के बिंदुओं को चिन्हित किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस टीम ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए एक आईपीएस (IPS) अधिकारी समेत कुल 6 पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। यह संभवतः पहला मामला है जब ट्रैफिक जाम जैसी समस्या के लिए केवल निचले स्तर के कर्मियों को नहीं, बल्कि आला अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा किया गया है।
इन 6 अधिकारियों पर गिरी गाज
जिन अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है, उनमें तत्कालीन एसीपी चोमू (IPS) उषा यादव, एसीपी ट्रैफिक किशोर सिंह भदोरिया, ट्रैफिक इंस्पेक्टर मंजू चौधरी, संपत राज, नवरत्न धौलिया और हरमाड़ा थानाधिकारी उदय सिंह शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय ने इन सभी से पूछा है कि पुख्ता सूचना और वायरलेस संदेशों के बावजूद जाम खुलवाने में इतनी देरी क्यों हुई? गौरतलब है कि जांच के दौरान ही आईपीएस उषा यादव का तबादला हाड़ी रानी बटालियन में कर दिया गया था, जिसे इस प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
