
राजस्थान की राजधानी जयपुर में संगठित अपराध (Organized Crime) की एक सनसनीखेज दस्तक ने व्यापारिक जगत और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। शहर के पॉश इलाके सी-स्कीम के एक प्रतिष्ठित व्यापारी को कुख्यात रोहित गोदारा गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी मिली है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धमकी देने वाले बदमाशों ने सीधे तौर पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की है। पीड़ित व्यापारी ने इस संबंध में अशोक नगर थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और मामले की जांच को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
अपराध की इस नई क कड़ी में बदमाशों ने अपनी पहचान छुपाने और पुलिस को चकमा देने के लिए आधुनिक संचार तकनीकों का सहारा लिया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 30 और 31 दिसंबर को व्यापारी के पास यूनाइटेड किंगडम (UK) के अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार कई कॉल और वॉयस नोट भेजे गए। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को ‘राहुल रिनाऊ’ बताते हुए दावा किया कि वह रोहित गोदारा गैंग की ओर से बात कर रहा है। इंटरनेट कॉलिंग और विदेशी नंबरों के इस्तेमाल ने इस मामले को साइबर अपराध और संगठित गिरोहों के खतरनाक गठजोड़ के रूप में पेश किया है।
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धमकी के इन संदेशों में न केवल भारी-भरकम राशि की मांग की गई, बल्कि रकम अदा न करने की स्थिति में व्यापारी और उसके पूरे परिवार को खत्म करने की क्रूर चेतावनी भी दी गई है। वॉयस नोट्स के जरिए दी गई इन धमकियों ने पीड़ित परिवार को गहरे सदमे और भय में डाल दिया है। जयपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच और अशोक नगर थाना पुलिस अब इन कॉल लॉग्स और आईपी एड्रेस की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये कॉल वास्तव में विदेश से किए गए हैं या किसी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए स्थानीय स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।
प्रदेश में सक्रिय लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा जैसे गैंग्स द्वारा पूर्व में भी व्यापारियों और जमीन कारोबारियों को निशाना बनाने के मामले सामने आते रहे हैं। इस ताजा घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और इंटेलिजेंस नेटवर्क पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस कमिश्नरेट ने व्यापारी और उनके निवास की सुरक्षा बढ़ा दी है, साथ ही साइबर सेल की विशेष टीम को कॉल ओरिजिन का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह के कॉल अक्सर दहशत फैलाने और अवैध वसूली के लिए किए जाते हैं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए गिरोह के स्थानीय गुर्गों पर भी नजर रखी जा रही है।
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अशोक नगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अपराधियों तक पहुँचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है। अधिकारियों ने शहर के अन्य व्यापारियों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या धमकी के मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें और डरे नहीं। फिलहाल, पुलिस इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या ‘राहुल रिनाऊ’ नामक व्यक्ति वास्तव में इस गैंग का हिस्सा है या किसी अन्य अपराधी ने इस नाम का इस्तेमाल वसूली के लिए किया है।
